उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण रामनगर की जीवनदायिनी कोसी नदी ने बुधवार को रौद्र रूप धारण कर लिया। नदी के विकराल बहाव ने प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के पास स्थित बाजार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूजा-पाठ और प्रसाद की लगभग 15 दुकानें बह गईं। इस घटना से दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और क्षेत्र में भय का माहौल है। #KosiRiver #Ramnagar #GarjiyaTemple
पहाड़ों में हो रही अनवरत वर्षा के चलते कोसी नदी का जलस्तर सुबह से ही खतरे के निशान के आसपास बना हुआ था। दोपहर होते-होते जलस्तर अचानक बढ़ गया और पानी का तेज बहाव मंदिर के निचले हिस्से में बने बाजार की ओर बढ़ने लगा। दुकानदार कुछ समझ पाते, इससे पहले ही नदी का पानी उनकी दुकानों में घुस गया। कुछ दुकानदारों ने आनन-फानन में अपना सामान बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के आगे उनकी एक न चली। देखते ही देखते, एक के बाद एक कई दुकानें नदी की लहरों में समा गईं। #UttarakhandFloods #Cloudburst #RiverInSpate
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंजर बेहद भयावह था। नदी का बहाव इतना तेज था कि कंक्रीट से बनी दुकानें भी ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। गनीमत यह रही कि प्रशासन ने पहले ही खतरे की आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी कर दी थी, जिसके चलते अधिकांश दुकानदारों और श्रद्धालुओं ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली थी और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, दुकानों में रखा सारा सामान, जिसमें प्रसाद, पूजा सामग्री, और अन्य वस्तुएं शामिल थीं, नदी में बह गया, जिससे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। #RamnagarNews #DisasterAlert #UttarakhandDisaster
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और बचे हुए दुकानदारों को पूरी तरह से सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर अभी भी बढ़ा हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित दुकानदारों ने सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है ताकि वे इस भारी नुकसान से उबर सकें और अपना जीवनयापन फिर से शुरू कर सकें। #KosiFlood #GovernmentRelief #ShopkeepersInDistress

